परिचय: PoA का बढ़ता चलन और छिपे खतरे
भारत में प्रॉपर्टी खरीदारी में पावर ऑफ अटॉर्नी (PoA) का इस्तेमाल आम हो गया है, खासकर NRI और दूर रहने वाले मालिकों के लिए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसलों ने साफ कर दिया कि PoA से मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं होता—केवल रजिस्टर्ड सेल डीड ही वैध है । यह स्टांप ड्यूटी बचाने का आसान रास्ता लगता है, मगर वास्तव में खरीदार के लिए बड़ा जाल है ।
PoA क्या है और यह कैसे काम करती है?
पावर ऑफ अटॉर्नी एक कानूनी दस्तावेज है जो मालिक (प्रिंसिपल) किसी एजेंट को अपनी ओर से प्रॉपर्टी बेचने, खरीदने या प्रबंधित करने का अधिकार देता है। जनरल PoA व्यापक अधिकार देती है, जबकि स्पेसिफिक PoA सीमित कामों तक। लेकिन ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट 1882 के तहत ₹100 से ज्यादा की इमूवेबल प्रॉपर्टी का हस्तांतरण PoA से नहीं हो सकता—रजिस्टर्ड डीड जरूरी । एजेंट सिर्फ मालिक की ओर से काम करता है, खुद मालिक नहीं बनता।
कानूनी अमान्यता: सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
सुप्रीम कोर्ट ने 2011 और हाल के फैसलों में PoA/GPA आधारित बिक्री को अस्वीकार किया। 2025 के फैसले में कहा गया कि PoA से मालिकाना हक नहीं मिलता—बिना रजिस्टर्ड डीड के खरीदार का टाइटल अमान्य । GPA से रेवेन्यू रिकॉर्ड में बदलाव नहीं होता, न ही कोर्ट में सबूत मान्य। NRI के लिए भी वैधीकरण या एपोस्टिल जरूरी, फिर भी सेल डीड अनिवार्य ।
प्रमुख नुकसान: खरीदार के लिए घातक जोखिम
ये जोखिम खरीदार को करोड़ों की प्रॉपर्टी गंवाने या सालों कोर्ट कचहरी का शिकार बनाते ।
वास्तविक मामले: सबक देने वाली कहानियां
दिल्ली में डीडीए फ्लैट GPA से बिके, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने खरीदारों को सड़क पर ला दिया—मालिकाना हक नहीं मिला। NRI PoA मामलों में एजेंट ने दोहरी बिक्री की, खरीदार फंस गए। 2025 के एक केस में PoA खरीदने वाला व्यक्ति मूल मालिक के वारिसों से हार गया, पूरी रकम डूब गई । ऐसे हजारों केस हाई कोर्ट में लंबित।
सुरक्षित विकल्प: रजिस्टर्ड डीड क्यों चुनें?
हमेशा रजिस्टर्ड सेल डीड लें—यह सार्वजनिक रिकॉर्ड बनाता, टाइटल क्लियर करता। वकील से टाइटल सर्च करवाएं, एनकमبرेंस सर्टिफिकेट चेक करें। PoA सिर्फ सहायक—मुख्य ट्रांसफर डीड से। NRI के लिए भारतीय दूतावास से वैधीकृत PoA इस्तेमाल करें, लेकिन डीड रजिस्टर करवाएं । इससे धोखा टलता, लोन आसान।
PoA एजेंट की सीमाएं और जिम्मेदारियां
एजेंट PoA के दायरे से बाहर नहीं जा सकता—दुरुपयोग पर प्रिंसिपल जिम्मेदार नहीं। सब-पावर नहीं दे सकता, फंड मिक्स नहीं। गुप्त कमीशन प्रतिबंधित। रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, नोटरीकृत PoA कोर्ट में सबूत ।
समापन चिंतन
प्रॉपर्टी जीवन का सबसे बड़ा निवेश है—PoA का लालच भविष्य नष्ट कर सकता। सोचें, सत्यापित करें, रजिस्टर्ड रास्ता चुनें। अपनी राय साझा करें, कमेंट में अनुभव बताएं—क्या आप PoA से गुजरे? अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
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