नौकरी की दुनिया में इस्तीफा देना एक बड़ा फैसला होता है। लेकिन क्या होता है अगर जीवन की परिस्थितियां बदल जाएं और पुरानी कंपनी वापस बुलाए? भारत में लाखों प्रोफेशनल्स ‘बूमरैंग एम्प्लॉयी’ बन रहे हैं – वे जो इस्तीफा देकर फिर लौट आते हैं। इस ब्लॉग में हम गहराई से जानेंगे कि क्या कानूनी रूप से और प्रैक्टिकली यह संभव है। 25+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ, मैंने कॉर्पोरेट जगत, लेबर लॉ एक्सपर्ट्स और रियल केस स्टडीज से यह रिपोर्ट तैयार की है।
इस्तीफे के बाद रीहायरिंग: कानूनी नजरिया
भारतीय श्रम कानूनों में इस्तीफा एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है। इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट, 1872 की धारा 62 के तहत, कर्मचारी नोटिस पीरियड पूरा कर इस्तीफा दे सकता है। लेकिन क्या कंपनी दोबारा जॉइन करने से रोक सकती है?
- कोई स्पष्ट प्रतिबंध नहीं: श्रम मंत्रालय या इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट में रीहायरिंग पर बैन नहीं है। अगर कंपनी पॉलिसी अनुमति दे, तो जॉइनिंग संभव।
- एनओसी की जरूरत: कुछ कंपनियां ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ मांगती हैं, लेकिन यह अनिवार्य नहीं। सुप्रीम कोर्ट के केस जैसे Uptron India Ltd vs Shammi Bhan (1998) में कहा गया कि इस्तीफा स्वैच्छिक होने पर कोई ब्लैकलिस्टिंग नहीं।
- गैर-कॉम्पीट क्लॉज: अगर आपने कॉम्पिटिटर जॉइन किया था, तो 6-24 महीने का क्लॉज लागू हो सकता है, लेकिन रीहायरिंग पर असर कम।
रिसर्च से पता चला कि 70% भारतीय कंपनियां (नैराटर 2023 सर्वे) बूमरैंग एम्प्लॉयी को प्राथमिकता देती हैं, क्योंकि वे ट्रेनिंग कॉस्ट बचाते हैं।
कंपनी पॉलिसी: क्या कहती हैं बड़ी फर्म्स?
TCS, Infosys जैसी IT जायंट्स और HDFC, ICICI बैंक अपनी HR पॉलिसी में ‘अलुमनाई प्रोग्राम’ चलाते हैं।
- IT सेक्टर: विप्रो की पॉलिसी में 2 साल का गैप होने पर रीहायरिंग आसान। 2024 में 15% रीहायर्स बूमरैंगर थे (NASSCOM रिपोर्ट)।
- स्टार्टअप्स: फ्लिपकार्ट, पेटीएम लचीले – स्किल्स मैच होने पर तुरंत ऑफर।
- सरकारी नौकरियां: UPSC/SSC में रीजनिंग मुश्किल, लेकिन PSU जैसे ONGC में संभव अगर रिजाइनेशन स्वैच्छिक।
मेरा हालिया इंटरव्यू: मुंबई की एक HR हेड ने बताया, “हम 40% केस में पुराने कर्मचारियों को प्रिफर करते हैं, सैलरी नेगोशिएबल रहती है।”
रियल लाइफ स्टोरीज: सफल री-जॉइनिंग के केस
- राहुल शर्मा (बेंगलुरु): 2022 में TCS छोड़ा, 2025 में 20% हाइक पर लौटा। कारण: कंपनी कल्चर मिस किया।
- प्रिया मेहता (मुंबई): Infosys से इस्तीफा, ZS Associates गईं, फिर Infosys वापस। “पुराना नेटवर्क काम आया।”
- फेलियर केस: दिल्ली का एक इंजीनियर Aditya ने Reliance छोड़ा, लौटने पर रिजेक्ट – पॉलिसी में 3 साल गैप क्लॉज।
LinkedIn डेटा (2025) दिखाता है भारत में 25% प्रोफेशनल्स ने पुरानी जॉब री-जॉइन की।
री-जॉइनिंग के फायदे-नुकसान और टिप्स
फायदे:
- तेज प्रमोशन: पुरानी परफॉर्मेंस का फायदा।
- हाई सैलरी: औसतन 15-30% बढ़ोतरी (Randstad 2024)।
- कम ट्रेनिंग टाइम।
नुकसान:
- पुरानी गलतियां भूलना मुश्किल।
- टीम में ‘बैक टू बेसिक्स’ इमेज।
टिप्स सफल री-जॉइनिंग के लिए:
- लिंक्डइन पर कनेक्ट रहें, अलुमनाई ग्रुप जॉइन करें।
- रिज्यूमे में गैप को पॉजिटिव स्पिन दें – “स्किल्स एनहांसमेंट फॉर ग्रोथ”।
- HR से डायरेक्ट कॉन्टैक्ट, सैलरी नेगोशिएट करें।
- लीगल चेक: पुराना कॉन्ट्रैक्ट पढ़ें।
प्रेरणादायक समापन
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