आशा भोसले का निधन: भारतीय सिनेमा की अमर आवाज 92 वर्ष की आयु में हमें छोड़ गईं, अंतिम संस्कार सोमवार को
भारतीय सिनेमा की अमर आवाज आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। दशकों तक बॉलीवुड और मराठी फिल्मों में अपनी बेमिसाल गायकी से लाखों दिलों को छूने वालीं आशा भोसले सोमवार को अंतिम संस्कार के लिए विदा होंगी। यह खबर पूरे देश में शोक की लहर ला रही है।
आशा भोसले: एक जीवंत परिचय
आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को सांगली, महाराष्ट्र में हुआ था। लता मंगेशकर की छोटी बहन के रूप में जानी जाने वाली आशा ने मात्र 9 वर्ष की उम्र में गायन की दुनिया में कदम रखा। ‘चाची 420’ जैसी फिल्मों से शुरूआती संघर्ष के बाद वे हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय प्लेबैक सिंगर बनीं। उनके गीतों ने रोमांस, दर्द, भक्ति और विद्रोह की हर भावना को शब्द दिए। 12 ग्रैमी अवॉर्ड नॉमिनेशन और पद्म विभूषण सम्मान उनकी उपलब्धियों के प्रमाण हैं।
उनकी आवाज की खासियत थी उसकी बहुमुखी प्रतिभा। ममता से भरी लोरियों से लेकर तेज-तर्रार कव्वालियों तक, आशा जी ने हर жанр में अपनी छाप छोड़ी। 20,000 से अधिक गीत गाने का विश्व रिकॉर्ड उनके नाम है।
संगीत यात्रा के सुनहरे पल
1950 के दशक में ‘रागिनी’ फिल्म से हिंदी सिनेमा में एंट्री लेने वाली आशा भोसले ने ओ.पी. नैयर, आर.डी. बर्मन और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जैसे संगीतकारों के साथ जादुई जोड़ी बनाई। ‘प्या सा गाया मोहब्बत हाय’ (फिल्म: झनक झनक पायल बाजे) और ‘आज फूलों की बहार है’ (श्री 420) जैसे गीत आज भी युवाओं के प्लेलिस्ट में हैं।
| प्रमुख फिल्में और हिट गाने | वर्ष | संगीतकार |
|---|---|---|
| चोरी चोरी | 1956 | शंकर-जयकिशन |
| काश्मीर की कली | 1964 | ओ.पी. नैयर |
| तेजाब | 1988 | लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल |
| डम मारो डम मिटाने को आँसू | 1971 | आर.डी. बर्मन |
उनकी मराठी, भोजपुरी और बंगाली गायकी ने उन्हें राष्ट्रीय धरोहर बना दिया। 2018 में ‘मेरे संगीत को लोग भूल ना जाएं’ एल्बम से ग्रैमी नॉमिनेशन मिला।

निजी जीवन के उतार-चढ़ाव
आशा भोसले का निजी जीवन भी उतना ही रंगीन रहा। 14 वर्ष की उमां में पहला विवाह, जिसके बाद संघर्षमय दौर आया। फिर आर.डी. बर्मन से प्रेम और विवाह ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी। बर्मन साहब के निधन के बाद भी वे अकेले लड़ीं। चार बच्चों की मां आशा जी ने कभी हार नहीं मानी। मुंबई के पेड्डर रोड स्थित आवास पर वे शांतिपूर्ण जीवन जी रही थीं।
निधन की दुखद खबर और अंतिम संस्कार
92 वर्ष की उमां में लंबी बीमारी से जूझते हुए आशा भोसले का निधन रविवार को मुंबई के नानावटी अस्पताल में हुआ। परिवार ने बताया कि अंतिम संस्कार सोमवार, 13 अप्रैल को मुंबई के सेवाद हाम विलीपार्ले में सुबह 11 बजे होगा। बॉलीवुड हस्तियां जैसे अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर फाउंडेशन और प्रशंसक शोक प्रकट कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, “आशा जी की आवाज अमर रहेगी। उनके गीतों ने पीढ़ियों को प्रेरित किया।”
विरासत जो कभी न मिटेगी
आशा भोसले सिर्फ गायिका नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की प्रतीक थीं। उनकी गायकी ने महिलाओं को सशक्त बनाया। युवा गायकों जैसे सुनिधि चूहे और श्रेया घोषाल ने उन्हें अपना आदर्श माना। रेडियो, टीवी और ओटीटी पर उनके गीत आज भी बजते हैं।























