फिटनेस की दुनिया में फैले भ्रम: जानिए सच्चाई
आजकल फिटनेस एक ऐसा विषय बन चुका है जिस पर हर कोई चर्चा करता है और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता है। परंतु, बहुत सारे ऐसे मिथक मौजूद हैं जो हम सुनते रहते हैं और उन पर विश्वास भी कर लेते हैं। ये मिथक हमें सही राह से भटका सकते हैं और हमारी फिटनेस यात्रा को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए, The Velocity News आपके लिए लाया है इस ब्लॉग में fitness myths debunked के 10 ऐसे मिथक जिन्हें विज्ञान की मदद से पूरी तरह से गलत साबित किया गया है।
1. कार्डियो सबसे अच्छा तरीका है वजन कम करने का
बहुत से लोग मानते हैं कि केवल कार्डियो एक्सरसाइज से ही वज़न घटेगा। हालांकि, कार्डियो से कैलोरी जलती है, पर यह मांसपेशियों को मजबूत नहीं करता। वजन कम करने के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी जरूरी है। इससे मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं और मेटाबोलिज्म भी बेहतर होता है। इसलिए, कार्डियो के साथ योग और वेट ट्रेनिंग भी जरूरी हैं।
2. अगर दर्द नहीं है, तो वर्कआउट सही नहीं हो रहा
यह मिथक बहुत फैला हुआ है कि दर्द होना जरूरी है। वास्तव में, दर्द का मतलब है कि आप शरीर को चोट पहुँचा रहे हैं। हल्का दर्द या थकान सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर दर्द हो तो उसे नजरअंदाज न करें। सही वर्कआउट में दर्द नहीं होता, बल्कि मांसपेशियों की मजबूती बढ़ती है।
3. अधिक प्रोटीन खाने से मांसपेशि बढ़ती हैं
प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण के लिए जरुरी है, पर ज्यादा प्रोटीन खाने से किडनी को नुकसान हो सकता है खासकर जो पहले से किडनी की समस्या रखते हैं। सही मात्रा में और संतुलित आहार ही लाभकारी है।
4. वर्कआउट से सिर्फ मांसपेशियां बढ़ती हैं, वजन कम नहीं होता
कुछ लोग सोचते हैं कि वेट ट्रेनिंग से वजन बढ़ेगा लेकिन ऐसा नहीं है। सही वर्कआउट से मसल मास बढ़ता है और फैट कम होता है। इससे मेटाबोलिक रेट बढ़ता है और वजन नियंत्रण में रहता है।

5. सुबह का वर्कआउट सबसे बेहतर होता है
वर्कआउट का समय व्यक्ति की दिनचर्या पर निर्भर करता है। सुबह या शाम कोई भी टाइम सही हो सकता है। महत्वपूर्ण है कि आप नियमितता और अनुशासन के साथ एक्सरसाइज करें।
6. सिर्फ एक हिस्से की चर्बी कम की जा सकती है
फैट रिडक्शन में स्पॉट रिडक्शन नाम का कोई सिद्धांत नहीं है। आपका शरीर पूरे शरीर से फैट घटाता है। इसलिए, सिर्फ एब्स एक्सरसाइज से पेट की चर्बी नहीं कम हो सकती।
7. वर्कआउट छोड़ दिया तो मांसपेशियां फैट में बदल जाती हैं
मांसपेशियां और फैट अलग-अलग टिशू होते हैं। मांसपेशियां बिना इस्तेमाल के सिकुड़ जाती हैं, लेकिन वे फैट में नहीं बदलती। अगर आप कैलोरी का उपयोग करने वाले व्यायाम बंद करते हैं, तो शरीर में फैट बढ़ सकता है।
8. ज्यादा पसीना मतलब अच्छा वर्कआउट
पसीना शरीर का तापमान नियंत्रित करने के लिए निकलता है, इसका कैलोरी बर्न से कोई लेना-देना नहीं। एक अच्छे वर्कआउट की पहचान प्रयास और मांसपेशियों की कड़ी मेहनत से होती है।
9. वर्कआउट के बाद जल्दी खाना चाहिए
वर्कआउट के बाद सही समय और संतुलित भोजन करना जरूरी होता है, लेकिन “जैसे ही काम खत्म हो, खाना” ये जरूरी नहीं। आपका शरीर ऊर्जा, वसा और मसल रिकवरी के लिए समायोजित होता है।
10. मसल्स बनाने के लिए भारी वजन उठाना जरूरी है
यह धारणा गलत है कि मसल्स बढ़ाने के लिए भारी वजन उठाना ज़रूरी है। सही फॉर्म और संतुलित वजन से भी मांसपेशियां मजबूत होती हैं। एक्सरसाइज रीहर्सल और कॉन्सिस्टेंट रहने से ही मसल्स की वृद्धि होती है।
The Velocity News की राय
The Velocity News के विशेषज्ञों के अनुसार, फिटनेस में सफलता के लिए सबसे जरूरी है मिथकों से ऊपर उठकर वैज्ञानिक तथ्य अपनाना। आपकी मेहनत तभी सही मायनों में सफल होगी जब आप समझदारी से, सही जानकारी के साथ अपनी फिटनेस यात्रा को जारी रखें।
प्रेरक निष्कर्ष
जब हम वास्तविक तथ्यों को समझते हैं, तभी हम अपनी जीवनशैली को बेहतर बना सकते हैं। इन मिथकों को जानकर आप न केवल अपनी फिटनेस बल्कि पूरी जिंदगी में भी सुधार ला सकते हैं। तो इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें, और अपनी राय नीचे टिप्पणी में जरूर दें। आपकी जिज्ञासा ही आपकी ताकत है।
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